ISOC Phuket की निरीक्षक ने भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जांच का अनुरोध किया
ISOC Phuket की निरीक्षक नसीफास चाइविमोंसित ने ISOC Phuket द्वारा संचालित भ्रष्टाचार संबंधी अनसुलझी जांच और ऊर्जा-संरक्षण परियोजनाओं से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए कानून, न्याय और मानवाधिकार संबंधी सदन समिति से अनुरोध किया है।
ISOC Phuket की निरीक्षक नसीफास चाइविमोंसित ने ISOC Phuket द्वारा संचालित भ्रष्टाचार संबंधी अनसुलझी जांच और ऊर्जा-संरक्षण परियोजनाओं से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए कानून, न्याय और मानवाधिकार संबंधी सदन समिति से अनुरोध किया है।
समिति के अध्यक्ष रंगसिमान रोम ने गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को संसद में सुश्री नसीफास से दो पत्र प्राप्त किए।
पहली शिकायत Phuket में ISOC की एक परियोजना से जुड़े कथित भ्रष्टाचार की उस जांच के बारे में थी, जिसे सुश्री नसीफास ने अनुचित बताया। विशिष्ट आरोपों का खुलासा नहीं किया गया। सुश्री नसीफास ने कहा कि जांच 2021 में शुरू हुई थी और बिना किसी निष्कर्ष के पांच साल तक जारी रही थी। उन्होंने इसकी जांच कर रही एजेंसी की पहचान नहीं बताई।
उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जिम्मेदारी प्रभावी रूप से केवल उन पर डाल दी गई थी, जबकि वरिष्ठ कमांडरों पर ऐसा असर नहीं पड़ा था। सुश्री नसीफास ने Yanui Beach पर केंद्रित एक मामले और कथित तौर पर 1 अरब बहत के लाभ से जुड़े दावों के साथ उन्हें जोड़ने वाले आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वह कभी उस स्थल पर नहीं गईं, इसमें शामिल लोगों को नहीं जानती थीं और अपने जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में योजना बनाने तथा बजट तैयार करने के दौरान नियमों का पालन किया था।
अपने दूसरे पत्र में उन्होंने समिति से 2014 से 2016 के बीच ISOC द्वारा संचालित ऊर्जा-संरक्षण परियोजनाओं पर हुए खर्च की जांच करने को कहा। उन्होंने खास तौर पर एक सौर ऊर्जा परियोजना को लेकर चिंता जताई, जिसमें कथित तौर पर सौर पैनलों से उत्पन्न बिजली को संग्रहित करने के लिए कार की बैटरियों का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उपकरण इसके लिए उपयुक्त था।
श्री रंगसिमान ने कहा कि किसी भी जांच में परियोजना की संदर्भ-शर्तों, उपकरणों के विनिर्देशों, माध्य कीमतों, खरीद प्रक्रिया, निविदाकारों, अनुमोदन देने वाले प्राधिकरणों, आपूर्ति और स्वीकृति प्रक्रियाओं तथा स्थापना के बाद प्रणाली के प्रदर्शन की जांच करनी होगी।
उन्होंने कहा कि वैकल्पिक ऊर्जा विकास और संरक्षण विभाग से मिली जानकारी से संकेत मिलता है कि उस अवधि में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए सौर ऊर्जा परियोजनाओं को नीति-स्तरीय समर्थन मिला था। ऊर्जा संरक्षण प्रोत्साहन कोष समिति ने पहले सैन्य अड्डों पर सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने वाली एक परियोजना के लिए 44.24 मिलियन बहत और सीमा रक्षा बलों के लिए एक सौर परियोजना के लिए 39.65 मिलियन बहत मंजूर किए थे।
श्री रंगसिमान ने कहा कि समिति शिकायतों पर आगे कार्रवाई करेगी और सुश्री नसीफास द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों तथा अन्य साक्ष्यों को एकत्र करेगी। शिकायतें अभी तथ्य-जांच के चरण में हैं और भ्रष्टाचार हुआ है, ऐसा कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। कोई भी निष्कर्ष निकालने से पहले ISOC और अन्य पक्षों से अतिरिक्त जानकारी और स्पष्टीकरण लेना जरूरी होगा।