काता भूस्खलन के पीड़ित आपदा के दो साल बाद भी न्याय की प्रतीक्षा में
24 अगस्त, 2024 को भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन ने फुकेत के काता इलाके के घरों को अपनी चपेट में ले लिया था। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हुई और 19 घायल हुए। 50 से अधिक घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए। दो साल बाद भी प्रभावित निवासी न्याय और जवाबदेही तय किए जाने की मांग कर रहे हैं।
24 अगस्त, 2024 को भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन ने फुकेत के काता इलाके के घरों को अपनी चपेट में ले लिया था। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हुई और 19 घायल हुए। 50 से अधिक घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए।
दो साल बाद भी प्रभावित निवासी न्याय और जवाबदेही तय किए जाने की मांग कर रहे हैं। आपदा क्षेत्र के ऊपर पहाड़ी पर विकास और निर्माण को लेकर उठे सवाल, जिनमें बिग बुद्ध स्थल से जुड़े काम भी शामिल हैं, अब तक पूरी तरह सुलझे नहीं हैं।
फुकेत बार एसोसिएशन की अध्यक्ष रुंगनापा फुतकाएव ने कहा कि अंततः निवासियों को मुआवजे के रूप में प्रति व्यक्ति 9,000 बाट मिले। उन्होंने इस राशि को हुए नुकसान की तुलना में नगण्य बताया, जिसमें सामान और लोगों की जान का नुकसान भी शामिल है।
बचाव अभियान के दौरान मृतकों की संख्या बढ़ती गई—शुरुआती रिपोर्टों में तीन मौतें बताई गई थीं, फिर यह संख्या नौ और अंततः 13 हो गई, क्योंकि बचावकर्मी मलबे में तलाश करते रहे।