33 लोगों को बचाने के बाद पाटोंग के लाइफगार्ड ने रिप करंट की चेतावनी जारी रखी
पाटोंग नगरपालिका के बचाव सारांश के अनुसार, जून में पाटोंग बीच पर तेज समुद्री धाराओं में फंसे 33 तैराकों को बचाने के बाद पाटोंग के लाइफगार्ड रिप करंट को लेकर चेतावनी जारी रखे हुए हैं।
पाटोंग नगरपालिका के बचाव सारांश के अनुसार, जून में पाटोंग बीच पर तेज समुद्री धाराओं में फंसे 33 तैराकों को बचाने के बाद पाटोंग के लाइफगार्ड रिप करंट को लेकर चेतावनी जारी रखे हुए हैं।
पाटोंग के लाइफगार्ड पर्यवेक्षक Somprasong Saengchat ने कहा कि मानसून के मौसम में धूप वाला मौसम समुद्र की सुरक्षित स्थिति की गारंटी नहीं देता। उन्होंने समुद्र तट पर आने वाले लोगों से पानी में उतरने से पहले चेतावनी देने वाले झंडों की जांच करने का आग्रह किया।
लाल झंडे संकेत देते हैं कि तैराकी पूरी तरह प्रतिबंधित है, जबकि लाल-पीले झंडे निर्धारित तैराकी क्षेत्रों को चिह्नित करते हैं। श्री Somprasong ने तैराकों को सलाह दी कि वे तट से बहुत दूर न जाएं और केवल सुबह 9 बजे से शाम 6:30 बजे के बीच तैरें, जब लाइफगार्ड पूरी तरह गश्त पर रहते हैं।
दिन की ड्यूटी पर तैनात लाइफगार्ड ने जून में जल-क्रीड़ा से जुड़ी आठ चोटों पर भी प्रतिक्रिया दी। पांच लोगों को एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जबकि समुद्र में संकट में फंसे दो लोगों की मदद की गई। इनमें एक पर्यटक भी शामिल था, जिसने होश खो दिया था और उसे पाटोंग अस्पताल ले जाया गया।
कुल मिलाकर, दिन की टीमों ने नौ लोगों को अस्पताल पहुंचाया और 59 मामूली, 16 मध्यम, दो गंभीर तथा एक घातक घटना दर्ज की।
रात की पाली में तैनात लाइफगार्ड ने बंगला रोड के मनोरंजन क्षेत्र में मदद के लिए 26 कॉल संभालीं। सात लोगों को अस्पताल ले जाया गया और दो मामलों को पुलिस के पास भेजा गया।
यह 24 घंटे की सेवा पाटोंग पुलिस, पाटोंग अस्पताल, पाटोंग विकास फाउंडेशन और स्थानीय बचाव संगठनों के साथ मिलकर संचालित होती है। सहायता और जानकारी उपलब्ध कराने के लिए समुद्र तट के किनारे पीले तंबुओं में लाइफगार्ड तैनात रहते हैं।