कथित चुनावी धोखाधड़ी को लेकर थाई निर्वाचन आयोग 26 सीनेटरों का मामला सर्वोच्च न्यायालय भेजेगा
थाईलैंड का निर्वाचन आयोग जून 2024 में हुए सीनेट चुनाव से जुड़ी कथित चुनावी धोखाधड़ी के मामले में पद पर आसीन 26 सीनेटरों का मामला सर्वोच्च न्यायालय भेजने की योजना बना रहा है। आयोग ने कहा कि ये सीनेटर इस मामले में आरोपी 77 लोगों में शामिल हैं।
थाईलैंड का निर्वाचन आयोग जून 2024 में हुए सीनेट चुनाव से जुड़ी कथित चुनावी धोखाधड़ी के मामले में पद पर आसीन 26 सीनेटरों का मामला सर्वोच्च न्यायालय भेजने की योजना बना रहा है।
आयोग ने कहा कि ये सीनेटर इस मामले में आरोपी 77 लोगों में शामिल हैं। इस समूह में सीनेट चुनाव में असफल रहे 36 उम्मीदवार और 15 अन्य राजनीतिक हस्तियां भी शामिल हैं। आरोपियों में से किसी की पहचान नहीं बताई गई।
रिपोर्टों के अनुसार, ये आरोप प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल की भूमजैथाई पार्टी के साथ गठजोड़ रखने वाले सीनेटरों से जुड़े हैं। आयोग के पास याचिका दायर करने के लिए 60 दिन हैं, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय तय करेगा कि मामले की सुनवाई की जाए या नहीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोषी ठहराए गए लोगों को प्रत्येक अपराध के लिए 10 साल तक की जेल, 2,00,000 बाट का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती हैं।
200 सदस्यीय सीनेट का चयन जून 2024 में तीन चरणों वाली प्रक्रिया के जरिए किया गया था। उम्मीदवारों ने थाई मतदाताओं द्वारा सीधे चुने जाने के बजाय न्याय, शिक्षा, जनस्वास्थ्य, उद्योग, कला और खेल समेत 20 क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक-दूसरे को चुना। विश्लेषकों ने कहा कि अंतिम सीनेट में पूर्व सरकारी कर्मचारियों, सैन्य और पुलिस अधिकारियों की बड़ी संख्या के साथ-साथ भूमजैथाई के कई समर्थक भी शामिल थे।
सीनेट निचले सदन से पारित विधेयकों की समीक्षा करती है और संवैधानिक न्यायालय, राष्ट्रीय भ्रष्टाचार-रोधी आयोग तथा निर्वाचन आयोग समेत प्रमुख निकायों के प्रमुखों की नियुक्ति करती है।
यह मामला उन खबरों के बाद सामने आया है जिनमें कहा गया था कि सरकारी जांच में 229 लोग जांच के दायरे में आए हैं। इनमें 130 से अधिक सीनेटर, भूमजैथाई के वरिष्ठ सदस्य और अन्य राजनेता शामिल हैं। निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक संवाददाता सम्मेलन में इस आंकड़े की पुष्टि नहीं की।
रविवार को सैकड़ों लोगों ने बैंकॉक में मार्च निकाला और जवाबदेही पर नजर रखने वाले संगठन iLaw द्वारा आयोजित विरोध-प्रदर्शन में उन 229 लोगों के खिलाफ अभियोग लगाए जाने की मांग की। iLaw में कार्यकारी निदेशक यिंगचीप अतचानोन्ट ने कहा कि यदि सर्वोच्च न्यायालय मामले की सुनवाई से इनकार करता है, तो संगठन उन दस्तावेजों को जारी करेगा, जिनके बारे में उसका कहना है कि वे निर्वाचन आयोग की जांच से मिले हैं।