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डीएसआई ने फुकेत सांसद के कारोबारी संबंधों और संदिग्ध विदेशी नामधारकों की जांच जारी रखी

थाईलैंड के विशेष जांच विभाग डीएसआई ने फुकेत के सांसद सोमचट टेकाथावोर्नचारोएन के कारोबारी संबंधों की विशेष मामले के तौर पर जांच शुरू करने की अभी सिफारिश नहीं की है। विभाग का कहना है कि जांचकर्ताओं को वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच के लिए और समय चाहिए।

डीएसआई ने फुकेत सांसद के कारोबारी संबंधों और संदिग्ध विदेशी नामधारकों की जांच जारी रखी

थाईलैंड के विशेष जांच विभाग (डीएसआई) ने फुकेत के सांसद सोमचट टेकाथावोर्नचारोएन के कारोबारी संबंधों की विशेष मामले के तौर पर जांच शुरू करने की अभी सिफारिश नहीं की है। विभाग का कहना है कि जांचकर्ताओं को वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच के लिए और समय चाहिए।

डीएसआई के सुरक्षा मामलों के प्रभाग ने बताया कि जांचकर्ताओं ने 28 सितंबर को सोमचट से पूछताछ की, जब वह गवाह के रूप में पेश हुए। उन्होंने उस कानूनी सेवा कंपनी से संबंधित दस्तावेज जमा किए, जिससे वह जुड़े हुए हैं, और स्वीकार किया कि कार्यालय उनके स्वामित्व में है। यह कार्यालय मुख्य रूप से कानूनी परामर्श प्रदान करता है।

प्रभाग के अनुसार, सोमचट ने कंपनी के खातों और उसके कारोबार में इस्तेमाल की गई पूंजी के स्रोतों के बारे में जानकारी देकर सहयोग किया। जांचकर्ताओं ने कहा कि इन विवरणों का आकलन अन्य गवाहों के बयानों और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ किया जाएगा, इसलिए इन्हें अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

डीएसआई यह जांच कर रहा है कि इसमें शामिल व्यक्तियों या कंपनियों का आचरण थाईलैंड की भूमि संहिता या विदेशी व्यापार अधिनियम, 1999 के तहत अपराधों की श्रेणी में आता है या नहीं। जांचकर्ता यह तय करने से पहले अपनी समीक्षा पूरी करेंगे कि मामले को विशेष मामला मानकर स्वीकार करने की डीएसआई निदेशक से सिफारिश की जाए या नहीं।

जांच में सोमचट की शेयर हिस्सेदारी और कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के रूप में उनके अधिकारों की भी पड़ताल की जा रही है। साथ ही यह देखा जा रहा है कि क्या कंपनियों को विदेशियों के साथ मिलकर जमीन या कॉन्डोमिनियम इकाइयां रखने के लिए पंजीकृत किया गया था, अथवा क्या उन्होंने ऐसी कंपनियों में हिस्सेदारी रखी जिनका कोई वास्तविक कारोबार नहीं था और जिनका मुख्य उद्देश्य ऊंची कीमत वाली संपत्तियों का स्वामित्व था। धन के लेनदेन की कड़ी की भी जांच की जा रही है।

प्रभाग ने कहा कि जांच केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। वह फुकेत प्रांत की व्यापक स्थिति का आकलन कर रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कानूनी कार्यालयों ने विदेशी नागरिकों को नामधारी शेयरधारकों के जरिए अवैध रूप से कारोबार करने के लिए कंपनियों का पंजीकरण कराने में मदद की थी। इनमें कर्मचारियों को विदेशियों की ओर से शेयरधारक के रूप में दर्ज करना भी शामिल है।

डीएसआई इससे पहले फुकेत में गतिविधियों की जांच कर चुका है और करीब 100 ऐसी कंपनियां पाई थीं, जिनके बारे में उसका कहना था कि वे विदेशी व्यापार अधिनियम का उल्लंघन कर सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ये कंपनियां मुख्य रूप से रियल एस्टेट, पर्यटन और अन्य सेवा क्षेत्रों में काम करती थीं। इनमें से कई के पास करोड़ों बाट मूल्य की संपत्तियां थीं। जांचकर्ताओं को ऐसे मामले भी मिले, जिनमें कंपनी के कर्मचारी विदेशियों के लिए नामधारी शेयरधारक के रूप में दर्ज दिखाई दिए।

जांचकर्ता शेयरधारक रजिस्टर में किए गए बदलावों की भी समीक्षा कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उनका इस्तेमाल भूमि कार्यालय में संबंधित लेनदेन दर्ज किए बिना अचल संपत्ति हस्तांतरित करने के लिए किया गया था। डीएसआई ने कहा कि एक ही संपत्ति से जुड़े बार-बार किए गए बदलावों का करों और लेनदेन शुल्क पर असर पड़ सकता है।