NACC ने फुकेत की लगभग 500 मिलियन बाट की परियोजनाओं को भ्रष्टाचार निगरानी के दायरे में लिया
थाईलैंड के राष्ट्रीय भ्रष्टाचार-रोधी आयोग NACC ने फुकेत में सरकारी धन से चल रही तीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इनकी कुल लागत लगभग 500 मिलियन बाट है और इनमें पक्षपात, अनुचित खरीद, अप्रभावी खर्च तथा दीर्घकालिक कुप्रबंधन जैसे जोखिम पाए गए हैं।
थाईलैंड के राष्ट्रीय भ्रष्टाचार-रोधी आयोग (NACC) ने फुकेत में सरकारी धन से चल रही तीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इनकी कुल लागत लगभग 500 मिलियन बाट है और इनमें पक्षपात, अनुचित खरीद, अप्रभावी खर्च तथा दीर्घकालिक कुप्रबंधन जैसे जोखिम पाए गए हैं।
NACC आयुक्त सुचार्ट सुन्त्रीकेसम के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने सुरिन बीच पर फुकेत प्रांतीय प्रशासनिक संगठन के प्रस्तावित कांच के स्काईवॉक की समीक्षा की। इस परियोजना के लिए 198 मिलियन बाट का बजट मंजूर किया गया है और इसे 196.98 मिलियन बाट के निर्माण अनुबंध के तहत दिया गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने फुकेत शहर में पूर्व फुकेत प्रांतीय जेल की जगह को सार्वजनिक पार्क में बदलने के संगठन के 169.5 मिलियन बाट के प्रस्ताव की भी जांच की। इसके निर्माण का ठेका 165.8 मिलियन बाट में दिया गया है।
तीसरी परियोजना थलांग में साखू उपजिला प्रशासनिक संगठन द्वारा विकसित किया जा रहा 130.49 मिलियन बाट का जल गुणवत्ता प्रबंधन केंद्र था।
NACC ने कहा कि प्रमुख सार्वजनिक निवेश परियोजनाओं की करीबी निगरानी जरूरी है, क्योंकि इनमें नीतिगत भ्रष्टाचार, पक्षपातपूर्ण व्यवहार, अनुचित खरीद प्रक्रियाओं और सार्वजनिक धन के अपव्ययी इस्तेमाल का जोखिम रहता है। आयोग ने यह भी जोर दिया कि परियोजनाओं के लिए जिम्मेदार एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पूरा होने के बाद उनका उचित प्रबंधन जारी रहे, उन्हें अनुपयोगी न छोड़ा जाए और वे जर्जर न होने पाएं।
आयोग ने सिफारिश की कि परियोजनाओं को स्थानीय प्राधिकरणों को सौंपने से पहले स्पष्ट रखरखाव बजट और दीर्घकालिक प्रबंधन योजनाएं तैयार की जाएं। उसने निर्माण के दौरान ठेकेदारों की करीबी निगरानी का भी आह्वान किया, ताकि देरी, खामियों और भ्रष्टाचार को रोका जा सके।
प्रतिनिधिमंडल ने चेरंग तलाय के बंग ताओ बीच पर सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण के लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे को लेकर स्थानीय एजेंसियों के साथ अलग से बैठक की। अधिकारियों ने जारी जांच पर चर्चा की और विवादित क्षेत्रों का मौके पर निरीक्षण किया।
NACC ने भूमि प्रशासन और कानून प्रवर्तन के लिए जिम्मेदार एजेंसियों के बीच बेहतर सहयोग का आह्वान किया। आयोग ने अधिकारियों से यह भी कहा कि स्वामित्व संबंधी मुद्दे अनसुलझे रहने तक विवादित भूमि को बेचने या हस्तांतरित करने से रोका जाए और जहां सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि हो, वहां सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
आयोग ने कहा कि उसका फुकेत कार्यालय पारदर्शी खर्च को बढ़ावा देने और सार्वजनिक भूमि की रक्षा के लिए परियोजनाओं तथा बंग ताओ भूमि मुद्दे की निगरानी जारी रखेगा।