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फुकेत नगर पालिका ने लैंडफिल संकट के बीच कचरा लेना अनिश्चितकाल के लिए रोका

फुकेत नगर पालिका ने 8 नवंबर 2026 से अपने लैंडफिल में कचरा लेना अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया है। नगर पालिका ने कहा कि जमा कचरा उपलब्ध क्षमता से अधिक हो गया है और अवैध रूप से फेंके गए कचरे के कारण स्थल तक पहुंच भी बाधित हुई है।

फुकेत नगर पालिका ने लैंडफिल संकट के बीच कचरा लेना अनिश्चितकाल के लिए रोका

फुकेत नगर पालिका ने 8 नवंबर 2026 से अपने लैंडफिल में कचरा लेना अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया है। नगर पालिका ने कहा कि जमा कचरा उपलब्ध क्षमता से अधिक हो गया है और अवैध रूप से फेंके गए कचरे के कारण स्थल तक पहुंच भी बाधित हुई है।

नगर पालिका के अनुसार, फुकेत प्रांत में 12 लाख टन से अधिक कचरा जमा हो चुका है, जबकि लैंडफिल की मूल क्षमता 9 लाख टन थी। उसने इसे प्रांत का सातवां कचरा संकट बताया।

7 नवंबर को दर्ज आंकड़ों के अनुसार, भस्मीकरण संयंत्रों के पास बने अस्थायी भंडारण गड्ढे में 12,090 टन कचरा था, जबकि उसकी निर्धारित क्षमता 9,000 टन है। नगर पालिका के मुताबिक, दोनों भस्मीकरण संयंत्रों के चालू होने के बावजूद कचरा संयंत्र की ऊपरी सीमा के करीब पहुंच गया था।

फुकेत नगर पालिका के मेयर सुपाचोक ला-ओंगपेत ने कहा कि अधिकारी लैंडफिल के क्षेत्र चार और पांच का रोजाना प्रबंधन कर रहे हैं। पुराने कचरे को हटाए गए क्षेत्रों में कचरे की परतें ऊंची की जा रही हैं और अधिक जगह तैयार करने के लिए अतिरिक्त मशीनरी किराये पर ली जा रही है।

यह रोक 8 नवंबर की सुबह हुई उस घटना के बाद लगाई गई, जिसमें कई कचरा ट्रकों ने कथित तौर पर स्थल में प्रवेश की प्रतीक्षा करने के बजाय लैंडफिल तक जाने वाली सड़क पर ही अपना कचरा खाली कर दिया। नगर पालिका ने कहा कि इस कचरे के कारण अन्य ट्रक लैंडफिल तक नहीं पहुंच सके।

नगर पालिका ने कहा कि प्रवेश क्षेत्र बहाल करने और सभी स्थानीय प्रशासनिक निकायों तथा संबंधित ठेकेदारों के साथ बातचीत पूरी होने के बाद कचरा लेना फिर शुरू किया जाएगा।

दूसरे भस्मीकरण संयंत्र के जून 2027 में चालू होने की उम्मीद है। इससे प्रतिदिन 500 टन कचरा प्रसंस्करण की अतिरिक्त क्षमता मिलेगी। मौजूदा संयंत्र प्रतिदिन 700 टन कचरे को संसाधित कर सकता है, जिससे फुकेत प्रांत की संयुक्त भस्मीकरण क्षमता बढ़कर प्रतिदिन 1,200 टन हो जाएगी।

सुपाचोक ने कहा कि अतिरिक्त भस्मीकरण से समस्या का समाधान केवल कचरा निपटान के चरण में होगा। उन्होंने निवासियों, कारोबारों और सरकारी एजेंसियों से कचरे को उसके स्रोत पर ही कम करने का आग्रह किया।