थाईलैंड ने दुर्व्यवहार करने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए निर्वासन नियम अपनाए
निर्वासन पर प्रधानमंत्री कार्यालय का थाईलैंड का नया विनियम 28 अगस्त 2026 को लागू हो गया। इससे सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बनने या अशांति पैदा करने वाले विदेशी पर्यटकों से निपटने के लिए अधिकारियों को अतिरिक्त अधिकार मिल गए हैं। The Phuket News ने Bangkok Post का हवाला देते हुए यह खबर दी।
निर्वासन पर प्रधानमंत्री कार्यालय का थाईलैंड का नया विनियम 28 अगस्त 2026 को लागू हो गया। इससे सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बनने या अशांति पैदा करने वाले विदेशी पर्यटकों से निपटने के लिए अधिकारियों को अतिरिक्त अधिकार मिल गए हैं। The Phuket News ने Bangkok Post का हवाला देते हुए यह खबर दी।
इन नियमों में आक्रामक या अहंकारी व्यवहार, थाई संस्कृति के प्रति अनादर, कानून का उल्लंघन और सार्वजनिक नैतिकता के विरुद्ध आचरण शामिल हैं। इनके तहत उन विदेशियों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान है, जो थाईलैंड में गैरकानूनी तरीके से प्रवेश करते हैं या रहते हैं, अवैध रूप से काम करते हैं अथवा बिना अनुमति कारोबार चलाते हैं।
इन उपायों के दायरे में आधिकारिक दस्तावेजों की जालसाजी और ऐसे अपराध भी शामिल हैं, जिनमें पांच वर्ष या उससे अधिक की जेल की सजा हो सकती है।
पर्यटन मंत्री सुरसाक ने कहा कि मंत्रालय गृह मंत्रालय, पर्यटक पुलिस ब्यूरो और आव्रजन ब्यूरो के साथ मिलकर “शून्य-सहनशीलता” की नीति लागू करेगा। सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाले या अशांति के लिए जिम्मेदार पर्यटकों को हिरासत में लिया जा सकता है, उनके वीज़ा रद्द किए जा सकते हैं और उन्हें देश से निकालने तथा निर्वासित करने की प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है। उन्हें काली सूची में डाला जा सकता है और थाईलैंड में दोबारा प्रवेश पर स्थायी रोक लगाई जा सकती है।
सुरसाक ने कहा कि थाईलैंड उन आगंतुकों के लिए खुला रहेगा, जो उसके कानूनों, लोगों और संस्कृति का सम्मान करते हैं। हालांकि, परेशानी पैदा करने या सामाजिक व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।